प्राकृतिक आपदा का आने का न तो कोई वक्त और न कोई ठिकाना ,प्राकृतिक आपदा कब किस को अपनी चपेट में ले ले, कोई बता नहीं सकता है. प्रकृति जहां एक तरफ सौगात लाती है, तो समय-समय पर अपनी ताक़त को भी बताती है की अगर प्रकृति से झेड़झाड़ करना कितना गलत ससाबित हो सकता है  आपको बता दे इस वक़्त भारत का पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान आर्थिक तंगी के बीच बाढ़ की भयंकर मार से गुज़र रहा है. प्रकृति का ऐसा प्रकोप शायद पाकिस्तान के लोगो ने पहले कभी नहीं देखा होगा. आइये, इस पोस्ट के ज़रिये नज़र डालते हैं प्राकृतिक आपदा की मार झेल रहे पाकिस्तान पर.

 

मूसलाधार बारिश ने पाकिस्तान की मुसीबतें कई गुणा बढ़ा दी हैं. जानकारी के अनुसार, भारी बारिश के कारण कई नदियों भरकर बाहर आ गईं और कई बांध टूट गए, जिससे खेतों, सड़कों, पुलों, स्कूलों व सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं सहित महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को नष्ट कर दिया है. माना जा रहा है इस आपदा में 33 मिलियन यानी 3 करोड़ 30 लाख लोग प्रभावित हुए हैं.

बाढ़ की चपेट में आए कई गांव बह गए हैं और जलजनित बीमारियों और कुपोषण के जोखिम को बढ़ा दिया है. theguardian के अनुसार, से ज़्यादा लोग अपनी जान गवां चुके हैं, जिसमें से 458 बच्चे शामिल हैं. 

वहीं, माना जा रहा है कि प्राकृतिक आपदा ने क़रीब 12.5 अरब अमेरिकी डॉलर का नुकसान किया है.

BBC की एक रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान में आई बाढ़ में मारे गए कई लोगों की लाशें अब तक लापता हैं. वहीं, वहां के कब्रिस्तानों में कोई सूखी जगह नहीं बची है. इसलिए, मृतकों को घरों में ही दफ़नाने का फै़सला लिया गया है.

वहीं, गांव से लोग अपनी जान बचाने के लिये शहरों का रुख कर रहे हैं. घरों में पानी नहीं, बल्कि घुटने तक कीचड़ जमा हो गया है.