26 साल की उम्र और दर्जनों एफआईआर, 5 सालों में अब तक 50 से अधिक एटीएम उखाड़कर ले चुका है. ये करने वाला कोई और नहीं हैं बल्कि हरियाणा का शातिर बदमाश है नूंह के टाई गांव का रहने वाला वसीम उर्फ डैनी.

झुंझुनूं की सूरजगढ़ पुलिस डैनी को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आई है. दरअसल ना केवल हरियाणा की सीआईए, नूंह पुलिस और झुंझुनूं पुलिस ने झुंझुनूं जिले की 5 एटीएम चोरी के मामले में संयुक्त टीम बना रखी थी. यह टीम काफी समय से एटीएम चोरी करने वाली गैंग के मुख्य सरगना वसीम उर्फ डैनी की तलाश में थी.

मुखबिर के जरिए इस टीम को सूचना मिली कि डैनी अपने मुकदमों तथा जिन मुकदमों में तारीख थी. उसमें अनुपस्थित रहने को लेकर चर्चा करने के लिए वकील से मिलने आएगा. जो पिछले दिनों नूंह कोर्ट में वकील से मिलने के लिए पहुंचा था. सीआईए की मदद से कोर्ट में ही वसीम उर्फ डैनी को दबोचा गया लेकिन वसीम पुलिस को चकमा देने में सफल रहा. पीछा कर रही पुलिस पर वसीम ने फायरिंग की लेकिन फिर भी हरियाणा की सीआईए टीम ने वसीम को दबोच लिया. इसके बाद सूरजगढ़ पुलिस अब वसीम उर्फ डैनी को प्रोडक्शन वारंट पर लाई है.

सूरजगढ़ एसएचओ मुकेश कुमार ने बताया कि वसीम उर्फ डैनी अगस्त 2021 में ही जेल से जमानत पर बाहर आया था. आते ही उसने अपनी नई गैंग बनाई. नए साथियों को मिलाया. सितंबर-अक्टूबर माह के एक महीने में उसने राजस्थान में ही धड़ाधड़ छह एटीएम को उखाड़ लिया. इनमें से चार एटीएम झुंझुनूं जिले के है, जबकि एक-एक एटीएम अलवर के राजगढ़ तथा दौसा के बांदीकुई की है.

दो और बदमाश की पुलिस को तलाश
पुलिस (Jhunjhunu Police) ने इस मामले में अब तक छह लोगों की गिरफ्तारी तथा तीन वारदातों में काम ली गई स्कॉर्पिओ गाड़ी को जब्त कर लिया है. पहले पुलिस को वारदातों के मुख्य सरगना वसीम उर्फ डैली, भोला मेव तथा राणा के साथ-साथ इनके अन्य साथियों की तलाश थी लेकिन अब वसीम पुलिस के हत्थे चढ़ गया लेकिन भोला मेव और राणा भी इस गैंग की मुख्य कड़ी है, जिसकी भी पुलिस तलाश कर रही है.

पिलोद एटीएम बना हुआ पहेली
आपको बता दें कि अब तक इस गैंग ने जिले की पांच में से चार एटीएम को ही चोरी करना कबूला है. जिसमें चिड़ावा, बुहाना, सूरजगढ़ और बलौदा की एटीएम शामिल है. जबकि इन एटीएम की चोरी का सिलसिला पिलोद स्थित एटीएम को उखाड़ने से हुआ था लेकिन गैंग के लोगों ने पिलोद में वारदात करना नहीं कबूला है. जो पुलिस के लिए पहेली बना हुआ है. जबकि यह भी सच है कि चार एटीएम को चोरी करने के लिए गैंग ने एक ही तरीका अपनाया था. पूरी मशीन को उखाड़कर ले गए थे लेकिन पिलोद में एटीएम को उखाड़ने की बजाय उसकी कैश ट्रे ही बदमाश लेकर गए थे. बहरहाल, पुलिस पिलोद की पहेली सुलझाने के लिए भी मशक्कत कर रहे हैं.