मैनपुरी में समाजबादी पार्टी के विरोधी दल के पर्चा ख़ारिज होने से मैनपुरी चुनाव में समाजबादी पार्टी की उमीदवार डिंपल यादव को क्या होगा फायदा।
दरसल नेता जी मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद मैनपुरी की लोकसभा सीट पर उप चुनाव होने है उप चुनाव के नामांकन करने की अंतिम तारीक 17 नवम्बर थी और आये हुए नामांकनो की जाँच की अंतिम तारीक 18 नवम्बर थी 18 नवम्बर को नामांकन पत्रों की जाँच के बाद समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के बड़े विरोधी ओम प्रकाश राजभर की पार्टी के उम्मीदवार का पर्चा खारिज होने के साथ साथ 6 अन्य उम्मीदवारो के नामांकन पत्र भी ख़ारिज हुए है
ओम प्रकाश राजभर की पार्टी . सुभासपा ने इस सीट पर रमाकांत कश्यप को प्रत्याशी बनाया था. जिनका पर्चा खारिज होने के बाद अब मैनपुरी के सियासी रण में कुल छह उम्मीदवार बचे हैं.

21 को नामांकन वापिस लेने की अंतिम तारिक 

उपचुनाव के लिए नामांकन प्रतिक्रिया खत्म होने के बाद अब नामांकन पत्रों के जांच की प्रक्रिया खत्म हो गई है. हालांकि 21 नवंबर तक नामांकन वापस लिए जा सकेंगे. जांच के बाद सात नामांकन पत्र खारिज हो गए हैं. अब मैनपुरी में छह उम्मीदवार बचे हैं. छह उम्मीदवारों में सपा से अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव और बीजेपी से रघुराज सिंह शाक्य मुख्य प्रतिद्विंदी हैं.इन दोनों के अलावा भारतीय कृषक दल के प्रमोद कुमार यादव और राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी के भूपेन्द्र कुमार धनगर बचे हुए हैं. इसके अलावा दो निर्दलीय उम्मीदवार सुषमा देवी और सुरेश चंद्र का नामांकन पत्र वैध पाया गया है. बाकि सात नामांकन पत्रों को निरस्त कर दिया गया है. बता दें की मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद मैनपुरी सीट खाली हुई है. इस सीट पर पांच दिसंबर को वोटिंग होगी और आठ दिसंबर को काउंटिंग होगी.