मैनपुरी लोकसभा सीट के उपचुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी ने प्रचार में पूरी ताकत झोंक रखी है। खुद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव सम्मेलन कर लोगों को संबोधित कर रहे हैं। बुधवार को अखिलेश यादव ने सपा के जिला कार्यालय पर सैनिक सम्मेलन को संबोधित किया। सम्मेलन में पूर्व सैनिक शामिल हुए। अखिलेश ने कहा कि ये चुनाव तब हो रहा है, जब नेताजी हमारे बीच में नहीं है। ये पहला चुनाव है, जब नेताजी वोट नही मांग रह हैं। हमारी जिम्मेदारी है कि उनके समर्थन में एक एक वोट डालकर चुनाव जिताएं।

अखिलेश ने कहा कि सबसे ज्यादा रिटायर्ड फौजी मैनपुरी, एटा, इटावा के क्षेत्रों से हैं। उन्होंने सैनिकों से कहा कि अगर आप लोग अपने बूथ को मजबूत कर देंगे तो इस चुनाव में हमारी सबसे बड़ी जीत होगी। आपकी लोग हर जगह हैं। आपकी बात पर जनता भरोसा करती है। यहां की जनता ने नेताजी को सम्मान दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा का प्रत्याशी कहीं मैदान में नहीं है, लेकिन भाजपा साजिश कर सकती है। जहां हमारा संगठन मदद कर रहा है, वहां आप भी कर देंगे तो हमें जीतने से कोई रोक नहीं सकता।

हमारी जीत जरूर होगी, अखिलेश यादव  

अखिलेश यादव ने कहा कि चाचा (शिवपाल यादव) को लेकर जो चर्चा हो रही थी वो भी खत्म हो गई है। दावा किया कि चार विधानसभा तो सपा जीतेगी ही लेकिन इस बार लग रहा है कि भोगांव भी जीत जाएंगे। उन्होंने कहा कि पिछले चुनाव में बेईमानी ना होती तो भोगांव भी जीत जाते। हर बूथ पर साजिश करके वोट काटे गए हैं। जिले में हम लोग मामूली वोटों से हार गए। अगर हम लोग एक एक बूथ पर काम करेंगे तो कोई जीतने से रोक नहीं सकता।

उन्होंने नेताजी को याद करते हुए कहा कि अगर उन्होंने कभी किसी फैसले का मन बनाया तो उन्हे कोई रोक नहीं पाया। नेताजी जब रक्षा मंत्री थे तो सियाचिन में गए, उन्हें कहा गया कि यहां बहुत ठंड होती है आप धोती कुर्ते में नहीं जा सकते, लेकिन किसी की परवाह किए बिना वो धोती कुर्ते में ही गए। रसिया के राष्ट्रपति भी नेताजी का स्वागत करने प्रोटोकॉल तोड़ कर आए थे, वहां भी वो धोती कुर्ते में ही गए थे। नेताजी ने ज़मीन और धरती कभी नहीं छोड़ी।