चितालडंगाल में रहने वाले राजकुमार चौधरी किराये पर रहता था वह जिस घर में रहता था वह उसके चचेरे भाई का था जो रेलवे में कर्मचारी था राजकुमार चौधरी ने अपने चचेरे भाई निदेश को बताया था कि वह नट -बोल्ट बनाने की मशीनें लगाकर बिजनेस कर रहा है जब जानकारी में पता चला कि वह हथियार बनाने वाले उपकरण बरामदगी मामले में सभी आरोपितो को सात दिन में रिमांड पर ले जाकर पूछताछ शुरू की पूछताछ के दौरान पुलिस आगे की जानकारी में कुछ खुलासा कर रही है जानकारी में पता चला की हथियार बनाने का धंधा चार साल से चल रहा था |

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A person who makes 30 to 40 pistols in a week

ये काम आरोपी 2018 में चितलडंगाल में मकान किराये पर लिया था और नट -बोल्ट बनाने के नाम पर पिस्टल बाड़ी बनाने का काम शुरू कर दिया पुलिस के अनुसार राजकुमार यह महीने में सात से आठ दिन ही काम करता था और सात दिन के अंदर ही वह 30 से 40 पिस्टल बनाकर तैयार कर देता था एक -एक पिस्टल आठ से 10 हजार रुपय में बिकता था इस हथियार बनाने के काम में  हर महीने राजकुमार को ढाई लाख का फायदा होता था|

राजकुमार ने हथियारों का काम कोरोना काल के दौरान कुछ समय के लिए बंद कर दिया था राजकुमार ने यह काम छह महीने बाद फिर से शुरू कर दिया पुलिस के अनुसार धंधे में शामिल कई लोगो के नाम पुलिस को बताये गए थे इस धंधे में अंग्रेजी ग्रेजुएट पैसों के लोभ में पारा शिक्षक पढ़ गया  और इस धंधे में झाड़खड़ के कुछ लोग भी शामिल है पुलिस की पूछताछ में पता चला की राजकुमार में अंग्रेजो के साथ मिलकर हथियारों की फैक्ट्री खोल ली पुलिस अभी अन्य आरोपियों की तलाश में लगी हुई है आरोपी के नाम राजकुमार चौधरी ,प्रवीन कुमार मोहम्मद इकबार माकन मालिक दिनेश चौधरी समेत सब को गिरफ्तार कर लिया है|

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