उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन द्वारा ग्रामीण बिजली उपभोक्ताओं पर बकाया,राजस्व का शत प्रतिशत वसूली के लिए गांव में शुरू की गई बिजली सखी योजना की सफलता को देखते हुए अब मध्यांचल डिस्कॉम समेत लेसा के ग्रामीण इलाकों में बिजली सखी योजना के तहत बिजली बिल कलेक्शन के लिए बिजली सखी तैनात किए जाने की योजना तैयार कर ली गई है।
इस योजना के तहत बिजली सखियां ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोक्ताओं के घर पर दस्तक देकर बिजली का बिल जमा कराने का कार्य करती नजर आएंगी। जानकारों की माने तो इस योजना को शुरू करने का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में ग्रामीण महिलाओं को रोजगार उपलब्ध करा कर उन्होंने उन्हें आत्मनिर्भर बनाना, साथ ही उपभोक्ताओं पर बकाया करोड़ों का राजस्व शत प्रतिशत वसूली करना भी है। यूपीपीसीएल ने ग्रामीण इलाकों में बकाया राजस्व की वसूली में बढ़ोतरी किए जाने के साथ बिजली सखी योजना शुरू कर रखी है,इस योजना के तहत ग्रामीण इलाकों में बिजली सखी के तैनाती से बकाया राजस्व वसूली भी काफी बढ़ोतरी हुई है ।
योजना में मिली सफलता के साथ इस योजना को मध्यांचल डिस्कॉम के सभी 19 जनपदों समेत लेसा के ग्रामीण इलाकों में इसकी शुरुआत कराई जाएगी और गांव में बिजली योजना में तैनात महिलाएं ग्रामीण इलाकों से घर घर जाकर बिजली का बिल जमा कराने का काम करती दिखेंगी। इस योजना के तहत स्वयं सहायता समूह की 15310 सदस्य महिलाओं को चुना गया है जिनमें से 5396 महिला सक्रिय हैं।
योजना के तहत बिजली बिल जमा करने वाली महिलाओं को 20रू का कमीशन मिलता है यदि कोई महिला 2,000 से अधिक बिल का भुगतान अपनी आईडी से करती है तो उसे 1% का कमीशन दिया जाएगा। योजना से जुड़ी महिलाएं के लिए यह सुनहरा अवसर है यूपी बिजली सखी योजना राज्य में महिलाओं को रोजगार का बेहतरीन अवसर प्रदान कर रहा है। इस योजना के तहत चयनित महिलाओं को बैंक ऐप पर प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। इस योजना के माध्यम से ग्रामीण इलाकों के नागरिक घर बैठे आसानी से अपना बिल जमा कर सकते हैं जिसके लिए इन्हें कहीं जाने की जरूरत नहीं है। इस तरह बिजली की लंबी लंबी लाइनों में खड़े होकर भुगतान करने से भी छुटकारा मिल जाता है दूसरी तरफ महिलाओं को रोजगार भी मिल रहा है।
मध्यांचल के अफसरों का कहना है कि इस योजना के लागू होने में काफी बढ़ोतरी होगी क्योंकि गांव में तैनात बिजली सखी गली-गली जाकर उपभोक्ताओं को बिल जमा कराने के लिए प्रेरित करेंगी।